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Sunday, 24 July 2011

हिंडोले दिन

वैशाख के
अलसाए
हिंडोले दिन

निम्बोरियो से
झरते
गरमाये पल

आज भी साँझ ढले

सुरमई
 कर जाते हैं
तन 

1 comment:

  1. आज
    भी मृत्यु में
    जीवन का राग

    ध्वनित हो रहा
    मुझमें

    बहुत ही गहरी संवेदना व्यक्त करती हुयी रचना

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